कविता सुन श्रोता हुए मंत्रमुग्ध।
लखनऊ । काव्यकुंज परिवार मंच द्वारा ग्राम तलौली में वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार रामेंद्र सिंह की सुपौत्री भाग्यश्री श्रृद्धा सिंह के जन्म दिवस के अवसर पर विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता कवि शिव बालक राम सरोज ने की। मुख्य अतिथि कुंवर वीरेंद्र सिंह राजा मलेहरा थे।
कवि सम्मेलन का आरंभ अतिथियों द्वारा मां सुरसती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन, माल्यार्पण एवं वरिष्ठ कवि शिव बालक राम सरोज द्वारा प्रस्तुत सुरसती वंदना व राहुल विश्वकर्मा के कुशल संचालन से हुआ।
मुख्य अतिथि कुंवर वीरेंद्र सिंह ने कवियों द्वारा प्रस्तुत सामाजिक सरोकार से जुड़े गीत, गजल, मुक्तक एवं छंदों की सराहना की, उन्होंने आयोजक रामेंद्र सिंह की सुपौत्री भाग्य श्री श्रृद्धा सिंह को शुभाशीष भी दिया तथा यह भी बताया कि जिन्हें दृष्टि समस्या है उनका चेकअप वह अपने यहां हर माह कराते हैं, जिनके आपरेशन की आवश्यकता होती है उनका ऑपरेशन भी कराते हैं। इस अवसर पर जनपद फतेहपुर से आए वरिष्ठ साहित्यकार कवि राम राज भारती फतेहपुरी ने अपनी पुस्तक प्रकाश दीप उन्हें भेंट की। कैप्टन सरोज सिंह ने अपने पिता रामशंकर सिंह विभु द्वारा लिखी पुस्तक *गुरु का आशीर्वाद* भेंट की।
कवि सम्मेलन में राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के कई जनपदों से आए कवियों कैप्टन सरोज सिंह, इंजीनियर हर गोबिंद यादव, राम राज भारती फतेहपुरी, राजेश बाबू अवस्थी, रामकिशोर मस्ताना, आर बी शर्मा, अनिल अनिकेत, गगन तिवारी, संजय सरस, हर्षित श्रीवास्तव, अमरेंद्र अवस्थी, कौशलेंद्र राष्ट्रवर, अमित शर्मा, डॉक्टर देवेंद्र कश्यप निडर,पीयूष तिवारी मिश्रा, शशि, अंकित प्रसून, पिंकी प्रजापति, आलोक, शैलेश भारती, रोहित विश्वकर्मा, सिद्धांत अवस्थी, देवेंद्र,चंद्रहास, डॉक्टर राम चंद्र वर्मा, डॉक्टर कमर खान, डॉक्टर उमेश अस्थाना, कमलेश सोनी, डॉक्टर प्रमोद कुशवाहा, शिवराज नागर, डॉक्टर धनी राम बौद्ध आदि ने अपनी कविताओं, गीत, गजल, छंद एवं मुक्तकों से सबको भाव विभोर कर दिया।
काव्य कुंज परिवार मंच द्वारा कवियों को सम्मानित भी किया गया। कैप्टन सरोज सिंह एवं रामेंद्र सिंह द्वारा राम शंकर सिंह विभु की पुण्य स्मृति में कौशलेंद्र सिंह राष्ट्रवर को साहित्य श्री सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मासिक पत्रिका साहित्य साधना का लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष शिव बालक राम सरोज द्वारा अध्यक्षीय उद्बोधन के उपरांत एक गजल सुनाई गई, जिसकी श्रोताओं ने जमकर सराहना की।
अंत में आयोजक रामेंद्र सिंह राज द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया।
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